शुक्रवार, 19 दिसंबर 2008

इंसान को इंसान होना चाहिए!

बस यहां इंसान को इंसान होना चाहिए।

आदमी-आदमी का भी सम्मान होना चाहिए,

जिन्दगी को प्यार का उनवान होना चाहिए!

नेता-फरिस्ता-देवता,भग्वान और अवतार क्यों?

बस यहां इंसान को इंसान होना चाहिए!

क्या यही बस जरूरते है-रोटियां-कपड़े-मकां,

ाथ में होठो पे भी मुस्कान होना चाहिए!

कोई पहले,कोई आखिर-सब मरेंगे-सच यही,

पर बिच में तो जीने का सम्मान होना चाहिए!

बारूद के इस गांव में जीने की बस एक राह है,

अब मोहब्बत का भी रास्ता आसन होना चाहिए!

बस यह इंसान को इंसान होना चाहिए!
ॐ भूर्भुवः स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ ॐ भूर्भुवः स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ ॐ भूर्भुवः स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ pimp myspace profile