गुरुवार, 15 जनवरी 2009

मेरा हाथ...और मेरा इश्वर!


एक महिला बहुत गरीब थी.उसके पति ने भी उसे छोड़ दिया था।

आजीविका का कोई सहारा उसके पास नही दीखता था,


जब उसका मुकद्दमा अदालत में चला गया तो जज ने पूछा,


''श्रीमती जी ,क्या आपके पास गुजरे का कोई साधन है?


"श्रीमान!सच्च पूछिए तो मेरे पास तीन है"


"तीन!"जी हां ,एक-दो नही तीन!


"वे कोन-कोन से?


"मेरे हाथ,मेरी अच्छी सेहत और मेरा इश्वर


हमारा ईश्वर हमारा शरण और शक्ति है,


मुसीबत में बढ़ कर मददगार नही।


ॐ भूर्भुवः स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ ॐ भूर्भुवः स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ ॐ भूर्भुवः स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ pimp myspace profile