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गुरुवार, 15 जनवरी 2009

मेरा हाथ...और मेरा इश्वर!


एक महिला बहुत गरीब थी.उसके पति ने भी उसे छोड़ दिया था।

आजीविका का कोई सहारा उसके पास नही दीखता था,


जब उसका मुकद्दमा अदालत में चला गया तो जज ने पूछा,


''श्रीमती जी ,क्या आपके पास गुजरे का कोई साधन है?


"श्रीमान!सच्च पूछिए तो मेरे पास तीन है"


"तीन!"जी हां ,एक-दो नही तीन!


"वे कोन-कोन से?


"मेरे हाथ,मेरी अच्छी सेहत और मेरा इश्वर


हमारा ईश्वर हमारा शरण और शक्ति है,


मुसीबत में बढ़ कर मददगार नही।


मंगलवार, 28 अक्टूबर 2008

हर दिन, हर सुबह एक नया जीवन है,

हर दिन,हर सुबह एक नया जीवन है,इसलिए नए जीवन की शुरुआत पुराने मन से मत करो,नए जीवन के साथ मन भी नया होना चाहिए.हो सकता है रातभर में तुम्हारा दुसमन मित्र बन गया हो और मित्र दुसमन.इसलिए जब सुबह किसी से मिलो तो एकदम अजनबी की तरह मिलो.कोई अपनी पूर्व-धारणा लेकर मत मिलो और सुबह प्रभु से प्राथना में कहो,प्रभु!मै इस दिन के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूँ की आज के दिन कोई कितना भी भारकाए,मै शांत रहूँगा एवं आग का जबाब पानी से दूंगा!अगर आप लोग हमारी इस बात से सहमत है.तो फ़िर आईये हम सब मिलकर ये संकल्प ले और पूर्व की धारणाओं-विचारों और पुरानी गिले-शिकवे को दीपावली के इस महापर्व की ज्योत में जलाकर एक नई सुबह एक नया जीवन की शुरुआत करे!आपको एवं आपके सहपरिवार को दीपावली की शुभकामनाये!
ॐ भूर्भुवः स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ ॐ भूर्भुवः स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ ॐ भूर्भुवः स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ pimp myspace profile