मंगलवार, 23 अगस्त 2016
सोमवार, 22 अगस्त 2016
रविवार, 21 अगस्त 2016
शुक्रवार, 8 जनवरी 2010
नारी इसलिए महान है की!
नारी हर स्थिति में है भारी और पुरुष सदा ही उसका आभारी है.महिलायों में बहुत सी खुबिया है लेकिन एक कमी भी है.महिलाओ की एक आदत है लड़ना और लड़ने में हार जाए तो दिर रोना रोते-रोते थक जाए तो फिर सोना.सोकर उठना और अपने पति से कहना मै मायके चली जाउंगी तुम देखते रहना.नारी इसलिए महान है.की वह पुरुष को प्रेरणा देती है.वेदों में उसे पुरुष के समकक्ष रखा है.वः ज्ञानवान है,अरुधंति,मैत्रीय,सुलभा है,ऋषियों को भी ज्ञान देती थी.लेकिन जब से लोकिक भेदभाव पनपा है तब से स्त्री का दर्जा नीचे गिर गया है.आज सिर्फ वह उपभोग की बस्तु बन गयी है.
गुरुवार, 7 जनवरी 2010
सिर्फ 'हवा' खा!
भारी महंगाई सिर पे गरीब क्या खायेगा पानी भी हुआ महंगा ,बोल क्या पिएगा। इसलिए प्यारे तू सिर्फ हवा खा और हवा पी। वह भी था जमाना,जब दूध-मलाई खाई आज तो हर शै ने प्यारे बुरी मिलावट पाई ,इसलिए प्यारे तू सिर्फ हवा खा,और हवा पी।
शनिवार, 17 अक्टूबर 2009
शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2009
मेरे साथियो
मेरे साथियो मै आप लोगो के बिच बहुत ही जल्दी आऊंगा और खूब लिखूंगा। अभी बस इतना ही। कोई तन दुखी.कोई मन दुखी। कोई धन बिन रहत उदास। थोरे-थोरे सब दुखी। एक सुखी बस राम का दास। आप सभी को मै हैप्पी दीपावली कहता हूँ.
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