ॐ भूर्भुवः स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ ॐ भूर्भुवः स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ ॐ भूर्भुवः स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ pimp myspace profile

शुक्रवार, 8 जनवरी 2010

नारी इसलिए महान है की!

नारी हर स्थिति में है भारी और पुरुष सदा ही उसका आभारी है.महिलायों में बहुत सी खुबिया है लेकिन एक कमी भी है.महिलाओ की एक आदत है लड़ना और लड़ने में हार जाए तो दिर रोना रोते-रोते थक जाए तो फिर सोना.सोकर उठना और अपने पति से कहना मै मायके चली जाउंगी तुम देखते रहना.नारी इसलिए महान है.की वह पुरुष को प्रेरणा देती है.वेदों में उसे पुरुष के समकक्ष रखा है.वः ज्ञानवान है,अरुधंति,मैत्रीय,सुलभा है,ऋषियों को भी ज्ञान देती थी.लेकिन जब से लोकिक भेदभाव पनपा है तब से स्त्री का दर्जा नीचे गिर गया है.आज सिर्फ वह उपभोग की बस्तु बन गयी है.

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3 टिप्पणियाँ:

Mithilesh dubey ने कहा…

वेदो में नारी को पुरुष के समकक्ष नहीं बल्कि पुरुष से महान बताया गया है । थोडा और विस्तार से लिखते तो और भी अच्छा लगता पढकर , आधे अधुरे से क्या होगा ?

राज भाटिय़ा ने कहा…

बच्चे ध्यान से अगर थाने दारनी की नजर पड गई तो केस कर देगी, फ़िर मानहानि का मुकदमा

दीपक 'मशाल' ने कहा…

चर्चा मंच-२८८ पर आप शोभायमान हैं जी..

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